Author: Shweta Mehta

Insaan Kitna Murkh Hai 0

Insaan Kitna Murkh Hai

इन्सान कितना मूर्ख है इन्सान कितना मूर्ख है प्रार्थना करते समय सोचते है, कि भगवान सब सुन रहे है लेकिन किसी की निन्दा करते समय,ये भूल जाते है पुण्य का कार्य करते समय सोचते...

Pyaar ka izhaar 0

Pyaar Ka Izhaar

प्यार का इजहार वो गुड्डे-गुड़ियों का खेल आज ही हकीकत बन सामने आयी थी……. सच बताओ वो खेल था,गाना सुनाने का या फिर तरीका था, मुझे अपने करीब लाने का…. एक शाम मै भी...

Ae Zindagi 0

Ae Zindagi

ए– ज़िन्दगी ए– जिंदगी! तेरे इस माया जाल में खुद को तलाशती हूं मैं गिरती हूं, उठती हूं फिर चलना सीख जाती हूं मुझे नहीं पता क्या है गलत,सही क्या है बस मुश्किलों में...

Kuch Kehna Chahti Hai Humse 0

Kuch Kehna Chahti Hai Humse

कुछ कहना चाहती है, हमसे प्रकृति कुछ कहना चाहती है, हमसे इन पत्तों का झूमना ये हवाओं का चलना पेड़ों पर फुदकते चिड़ियों का शोर कुछ कहना चाहती है, हमसे बारिश में नाचते मोर...

Coronavirus 0

Coronavirus

कोरोना वायरस किसे पता था,ऐसा भी वक़्त देखना पड़ेगा…. हर पल यू,हाथ धोना पड़ेगा… अब समझ आया,उन बेजुबान पंक्षियों और जानवरों की हालत… जब कुछ महीने घर पे रहने की लगी आदत… किसे पता...

Kya Larki Hona Paap Hai 0

Kya Larki Hona Paap Hai

क्या लड़की होना पाप है ? क्या लड़की होना पाप है? हर मुश्किल में मां हमने तुमको पुकारा है…. कण- कण में विराजमान होकर ही……. तुमने दुष्टों को संघारा है…. सीता के अपहरण से,राम...

Aakhir Aisa Kyu 0

Aakhir Aisa Kyu

आखिर ऐसा क्यों? स्त्री कितना छोटा सा शब्द है न….? पर इस छोटे से शब्द में ही सारा संसार बसा है…. स्त्री जिसे लोग देवी के रूप में, मां के रूप में पूजते है…....

Bachpan 0

Bachpan

बचपन वो बचपन भी क्या जमाना था…. खुशियों से भरा खजाना था… बारिश में वो कागज़ की कश्ती…. खेलने की मस्ती… और ये दिल भी तो आवारा था… मम्मी की गोद,पापा का कंधा… मस्त,...

Kaash Zindagi Sachmuch Kitaab Hoti 0

Kaash Zindagi Sachmuch Kitaab Hoti

काश ज़िन्दगी सचमुच किताब होती _काश, ज़िन्दगी सचमुच किताब होती… काश, मै पढ़ सकती आगे क्या होगा? क्या मुझे पाना है,क्या खोना है… कब खुशियां मिलेगी,कब रोना है… फाड़ देती हर उस पन्ने को...