Creation

Ae – Zindagi

ए- ज़िन्दगी ए- जिंदगी! तेरे इस माया जाल मेंखुद को तलाशती हूं मैंगिरती हूं, उठती हूंफिर चलना सीख जाती हूंमुझे नहीं पता क्या है गलत,सही क्या हैबस मुश्किलों में खुद को अकेला पाती हूं मैंए- जिंदगी! तेरे इस माया जाल मेंखुद को तलाशती हूं मैं ख्वाबों को सजाना जानती हूंहम में मुस्कुराना जानती हूंअपनों की …

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Kuch Kehna Chahti H, Humse

कुछ कहना चाहती है,हमसे…… प्रकृतिकुछ कहना चाहती है, हमसे इन पत्तों का झूमनाये हवाओं का चलनापेड़ों पर फुदकते चिड़ियों का शोरकुछ कहना चाहती है, हमसे बारिश में नाचते मोरबसंत में गाती हुई कोयलये समुन्द्र की लहरों का शोरकुछ कहना चाहती है,हमसे दिन में सूरज की चिलचिलाती धूपऔर चांद की ये चांदनीइन तारों की टिमटिमाती हुई …

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Coronavirus

कोरोना वायरस किसे पता था,ऐसा भी वक़्त देखना पड़ेगा….हर पल यू,हाथ धोना पड़ेगा…अब समझ आया,उन बेजुबान पंक्षियों और जानवरों की हालत…जब कुछ महीने घर पे रहने की लगी आदत…किसे पता था,वक़्त का मार कुछ ऐसा होगा…ना चाहते हर गम को सहन पड़ेगा…लोगों से दुरियाँ और हर वक़्त मुँह मास्क से ढकना पड़ेगा…गया वो खुशहाल, बेफिक्र …

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Kya Ladki Hona Paap Hai???

क्या, लड़की होना पाप है??? क्या लड़की होना पाप है???हर मुश्किल में मां हमने तुमको पुकारा है….कण- कण में विराजमान होकर ही…….तुमने दुष्टों को संघारा है….सीता के अपहरण से,राम ने पूरी लंका ध्वंश कर डाला था…द्रोपदी के चीरहरण पर, पांडवो ने महाभारत रच डाला था…सती के जलने पर, शंकर ने भी तांडव नाच दिखलाया था….सबने …

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Aakhir Aisa Kyun

आखिर ऐसा क्यों?? स्त्रीकितना छोटा सा शब्द है न….?पर इस छोटे से शब्द में ही सारा संसार बसा है…. स्त्रीजिसे लोग देवी के रूप में, मां के रूप में पूजते है….फिर क्यों दो लोगों के झगड़े में गाली स्त्री के उपर ही होती है…?आखिर ऐसा क्यों? स्त्रीजो रामायण में सीता बन कर भी सताई गई…महाभारत …

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Hindi Poem – Bachpan

बचपन वो बचपन भी क्या जमाना था….खुशियों से भरा खजाना था…बारिश में वो कागज़ की कश्ती….खेलने की मस्ती…और ये दिल भी तो आवारा था…मम्मी की गोद,पापा का कंधा…मस्त, बिंदास लाइफ…ना सुबह की खबर,ना शाम का ठिकाना…स्कूल से थक – हार कर आना…फिर भी दोस्तो के संग खेलने जाना था…ये मन भी तो बिना लगाम के …

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Hindi Poem – Kash Zindagi Sachmuch Kitab Hoti

काश ज़िन्दगी सचमुच किताब होती _काश, ज़िन्दगी सचमुच किताब होती…काश, मै पढ़ सकती आगे क्या होगा?क्या मुझे पाना है,क्या खोना है…कब खुशियां मिलेगी,कब रोना है…फाड़ देती हर उस पन्ने को जिसने मुझे रुलाया…लिख देती उन यादों को जिसने मुझे हसाया…समय से नजरे चुरा कर पीछे चली जाती…फिर से बिखरे सपनों को सजाती…काश, ज़िन्दगी सचमुच किताब …

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Hindi Poem – Christmas

क्रिसमस ठंडी ठंडी बर्फीली रातो मेंमन में नया उत्साह नई उमंग लिएकोई मौजे में,कोई खिड़कियों तो कोई सिरहाने मेंहर कोई लगा रहता है, ख्वाहिश मांगने मेंकोई दूर से झिंगल बजातेझोली भर खुशियां लता हैहिरण की सवारी करता,लाल टोपी,लाल कुर्ता, सफेद दाढ़ीलगते जैसे दादा जीहम सब उन्हें प्यार से सांता बुलातेसबकी ख्वाहिशों को पूरा कर देतेजीसस …

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