Coronavirus

Coronavirus

कोरोना वायरस

किसे पता था,ऐसा भी वक़्त देखना पड़ेगा….
हर पल यू,हाथ धोना पड़ेगा…
अब समझ आया,उन बेजुबान पंक्षियों और जानवरों की हालत…
जब कुछ महीने घर पे रहने की लगी आदत…
किसे पता था,वक़्त का मार कुछ ऐसा होगा…
ना चाहते हर गम को सहन पड़ेगा…
लोगों से दुरियाँ और हर वक़्त मुँह मास्क से ढकना पड़ेगा…
गया वो खुशहाल, बेफिक्र वक़्त,अब हर वक़्त सतर्क रहना पड़ेगा…
काल ने अपना जाल चारो ओर फैलाया है, वक़्त से पहले न जाने कितनों को अपने पास बुलाया है…
काश,कोई जादुई करिश्मा हो जाता,पलक झपकते ये साल पुराना हो जाता…
ये जो सड़को पे छाया सन्नाटा है, ये प्रकृति का हम सब पर चाटा है…
किसे पता आने वाला वक़्त कैसा होगा…
लड़े भी तो किस-किस से लड़े
महामारी, जहरीली गैस, टिड्डियाँ और अब ये युद्ध….
खुशियाँ तो मानो घर का रास्ता भूल सी गयी है…
इस विपत्ति काल मे सबने अपना किरदार निभाया है…
आम जनता से लेकर आर्मी, डॉक्टर, सफाईकर्मी सबने अपना हाथ बढ़ाया है…
सबने कितना कष्ट उठाया है…
बीते दिनों में अनमोल किरदारों को भी खोया है…
हम ऐसे सोच में जी रहे,जहाँ परफेक्ट, पॉपुलर, रिच होना ही सबकुछ है…
ऑनेस्ट, हार्डवर्क का मतलब गुम सा हो गया है…
जहाँ लोगों को उसकी काबिलियत से ज्यादा कास्ट, फॅमिली बैकग्राउण्ड पर जोर दिया जाता है….
और हम अपने आप को ऊँची सोच,डिजिटल कहते है…
इतनी नकारात्मकता सी छायी है दुनियाँ में…
आने वाला वक़्त कहि इससे भी भयावह तो नहीं…
क्या ये हमारे अंत का आरंभ तो नहीं?
कहाँ गयी वो साधु संतों की दिव्य दृष्टि…
भगवान बस आपकी ही एक आशा है…..
अपने अन्दर के इंसानियत को जगाये रखे…
फिर से मैदानों में चहचाहट, लोगों की आँखों मे सुकून की लहर होगी….
हरियाली, खुशयाली गूँज उठेगी….
फिर से बसों में ध्क्का, मेट्रो में भीड़ होगी…
कंधो पर बैग और कदम स्कूल,ऑफिस की ओर बढ़ेगी….
प्रकृति ने हमे अपने गोद मे जगह दी है,उनका आदर करे….
ऑनेस्ट,एकुलिटी, अंडरस्टैंडिंग को गुम न होने दे……

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