Kya Larki Hona Paap Hai

Kya Larki Hona Paap Hai

क्या लड़की होना पाप है ?

क्या लड़की होना पाप है?
हर मुश्किल में मां हमने तुमको पुकारा है….
कण- कण में विराजमान होकर ही…….
तुमने दुष्टों को संघारा है….
सीता के अपहरण से,राम ने पूरी लंका ध्वंश कर डाला था…
द्रोपदी के चीरहरण पर, पांडवो ने महाभारत रच डाला था…
सती के जलने पर, शंकर ने भी तांडव नाच दिखलाया था….
सबने स्त्री के आत्मसम्मान के लिए दुष्टों को संघारा था…
पर इस कलयुग में…
पुरुषों ने है स्त्री के इज्जत को लुटा है…
मानवता को, हैवानियत के आगे बली चढ़ाया है….
खुश नसीब है, वो लड़की…..
जिसने जन्म के बाद मौत को गले लगाया है…
इन दरिंदो के हाथों पड़ने से अच्छा….
मौत को अपनाया है….
ये कलयुग है जनाब,यहां लड़की होना पाप है….
इन दरिंदो ने हर रिश्ते को नोच डाला है….
मां, बहन, बेटी, बहू सबको नंगा कर डाला है….
कसूर उनका नहीं…
कसूर तो इस शरीर का है…
किसी ने काटा,किसी ने नोचा…
दब गई उसकी चिखे, झुलस गया उसका शरीर…
इन दुष्टों के आगे, देवताओं ने भी सर झुका डाला है…
शुम्भ निशुम्भ , महिषासुर को मारने वाली…
ना जाने कहां गुम हो गई…
हर घंटे कही न कही एक लड़की माटी में विलीन हो गई….
ये कलयुग है जनाब…. यहां लड़की होना पाप है….

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